बैंक कर्मियों ने केंद्र सरकार के विरोध में काला फीता लगाये एवं काले कपड़े पहन कर बैंक कार्य किया
अजय कुमार गुप्ता सोशलिस्ट न्याय लखनऊ लखनऊ। केंद्र सरकार बैंक कर्मियों की 5 दिवसीय बैंकिंग, भेदभाव रहित पी एल आई योजना की समाप्ति व लंबित मांगों को पूरा करने के बजाए उन्हें डराने व धमकाने का प्रयास कर रही है, वे अपनी मांगों के पूरा होने तक संघर्ष करने को अडिग हैं। आज रविवार को बैंक खोलने के भ्रम की स्थिति पर फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने बताया रिजर्व बैंक के अनुमोदन पर *आईबीए ने रविवार 27 सितम्बर को कार्य दिवस घोषित किया था, जिसका यूनाइटेड फोरम ने विरोध किया कि बैंकों के द्विपक्षीय समझौतानुसार अवकाशी दिन रविवार को कार्य दिवस नहीं बनाया जा सकता।* लेकिन रिजर्व बैंक *आपातकालीन परिस्थितियों* में रविवार व घोषित छुट्टियों में बैंक खोल सकता है। पर उस दिन *कार्यालय आदेश कर बुलाए गये कर्मचारियों को 200% की दर से ओवरटाइम का भुगतान करना होगा तथा अधिकारियों को अवकाश या डिस्कंफर्ट भत्ता देना होगा।* फोरम के विरोध पर बैंक प्रबंधन ने अपने *हिटलरशाही आदेश को वापस लेकर द्विपक्षीय समझौते के प्राविधानों के अनुसार* ही बैंक खोलने का निर्णय लिया। अत: जिन बैंक कर्म...