लखनऊ में हुए होप सीएमई 2026 में देशभर के जाने माने डॉक्टरों ने महिलाओं के इलाज में नई तकनीकोंपर की चर्चा
लखनऊ: निःसंतानता का इलाज अब तेजी से बदल रहा है। अब हर महिला को एक जैसा इलाज देना ज़रूरी नहीं है। हर मरीज की समस्या अलग होती है, इसलिए उसका इलाज भी उसी के हिसाब से होना चाहिए। नई तकनीक इसमें डॉक्टरों की बड़ी मदद कर रही है, ताकि वे सही फैसला ले सकें। इसी सोच के साथ लखनऊ में होप सीएमई 2026 का आयोजन अजंता अस्पताल की डॉक्टर गीता खत्रा द्वारा किया गया। इस बार का विषय था "आईवीएफ से आगे हर मरीज़ के लिए सही इलाज, कंप्यूटर की समझ (एआई) और रोबोट से सर्जरी। यह कार्यक्रम आईएफएस, एलओजीएस और होप सोसाइटी की ओर से किया गया। HOPE CME 2026 का भव्य उद्घाटन मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. (डॉ.) सोनिया नित्यानंद, कुलपति, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ द्वारा किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि डॉ. नीरज बोरा, विधायक, लखनऊ की गरिमामयी उपस्थिति रही।
प्रो. दीपक मालवीय, पूर्व निदेशक, RMLIMS, लखनऊ तथा डॉ. एन. बी. सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, लखनऊ ने विशिष्ट अतिथियों के रूप में समारोह की गरिमा बढ़ाई।.उद्घाटन समारोह में प्रजनन चिकित्सा के अनेक दिग्गजों एवं अग्रणी विशेषज्ञों के उल्लेखनीय योगदान को सम्मानित किया गया। उन्हें बांझपन उपचार, सहायक प्रजनन तकनीक (ART) तथा भारत में प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। इस कार्यक्रम में निःसंतानता के विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, गर्भावस्था एवं भ्रूण की देखभाल करने वाले विशेषज्ञ और रोबोटिक सर्जन एक साथ आए। इसमें प्रो. (डॉ.) नीना मल्होत्रा, डॉ. मीरा अग्निहोत्री, डॉ. सोनिया मलिक, डॉ. के. डी. नायर, डॉ. कुलदीप जैन, डॉ. मनीष बैंकर, प्रो. अनुराधा खत्रा, डॉ. भारती ढोरेपाटिल, डॉ. कांति बंसल और डॉ. अंजू अग्रवाल समेत पुणे, अहमदाबाद, नई दिल्ली, कानपुर और वाराणसी से आए कई बड़े डॉक्टर शामिल हुए। इन सवालों पर हुई बात डॉ. गीता खत्रा द्वारा बताया गया कि कार्यक्रम में उन सवालों पर चर्चा हुई जो अक्सर दंपति और महिलाएँ डॉक्टरों से पूछते हैं. क्या कंप्यूटर (एआई) पहले से बता सकता है कि किस महिला पर कौन-सी दवा कितना असर करेगी?
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