पीएमएफएमई एवं यूपीएफपीपी-2023 के अंतर्गत 50 स्टॉल, अंतरराष्ट्रीय समझौते, क्रेता-विक्रेता बैठकें तथा निर्यात के नए अवसर खुले
ग्रेटर नोएडा/लखनऊ | दिनांक 27-09-2026, उत्तर प्रदेश में आयोजित इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र द्वारा प्रदेश की कृषि एवं बागवानी उपज के मूल्य संवर्धन, विपणन तथा निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों को देश-विदेश के क्रेताओं एवं व्यापारिक संस्थानों से जोड़ने के लिए व्यवसाय-से-व्यवसाय (बी2बी) बैठकें, क्रेता-विक्रेता संवाद तथा व्यापारिक समझौते किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश मंडप में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) तथा उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 (यूपीएफपीपी-2023) के अंतर्गत लाभान्वित उद्यमियों के लगभग 50 स्टॉल स्थापित किए गए हैं। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी विदेश नीति और वैश्विक स्तर पर भारत की मजबूत होती आर्थिक पहचान का लाभ उत्तर प्रदेश के किसानों, उद्यमियों और व्यापारियों को मिल रहा है। दुनिया के अनेक देशों के साथ भारत के बढ़ते व्यापारिक संबंधों ने प्रदेश के स्थानीय उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार के नए द्वार खोले हैं। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 इसी बदलते भारत और बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने प्रदेश में सुरक्षा, सुशासन, समयबद्ध योजनाओं और सुगम व्यापारिक वातावरण को प्राथमिकता दी है। आज उत्तर प्रदेश में निवेशक और व्यापारी स्वयं को सुरक्षित वातावरण में काम करते हुए महसूस कर रहे हैं। सरकार की स्पष्ट नीति है—उद्यमी को सुरक्षा की गारंटी, निवेश को सुविधा की गारंटी और व्यापार को प्रोत्साहन की गारंटी। यही वातावरण उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रहा है।
*खाद्य एवं प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री बीएल मीणा ने बताया कि विभाग द्वारा विभिन्न देशों के साथ किये गये व्यापारिक समझौते इस प्रकार हैं* -
1 किसान मल्टीपर्पज प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, मेरठ द्वारा एस्टोनिया की एवीटेरा (AVETERA) के साथ गुड़/चीनी उत्पादों के संबंध में जापान के साथ बेकरी एवं गुड़ उत्पादों के संबंध में व्यापारिक समझौता हुआ।
2 भगवती गुड़ उद्योग, बिजनौर द्वारा ताइवान की इंडिया शॉप के साथ लगभग 1,000 अमेरिकी डॉलर के व्यापारिक समझौते हुआ।
3 जैंक्रिकेशन एलएलपी, लखनऊ द्वारा ऑस्ट्रेलिया की हरिओम फूड प्राइवेट लिमिटेड के साथ लगभग 5,000 अमेरिकी डॉलर के व्यापारिक समझौते हुआ।
4 बेसिक आयुर्वेदा लिमिटेड, गाजियाबाद द्वारा यूरोप की केपीएम ग्रुप के साथ लगभग 1,000 अमेरिकी डॉलर के व्यापारिक समझौते का विवरण।
5 अनुभी एंटरप्राइजेज, मेरठ द्वारा वियतनाम की ए. तुआन खान्ह ज्वाइंट स्टॉक कंपनी के साथ व्यापारिक समझौता।
6 अमृत एग्रो फूड प्रोडक्ट्स, गोरखपुर द्वारा क्यूबा की सांता क्लारा, क्यूबा स्थित व्यापारिक संस्था के साथ व्यापारिक समझौता। *श्रीअन्न एवं अन्य खाद्य उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार*
इसके अतिरिक्त कोमलिका एफपीसी द्वारा रोमानिया एवं वियतनाम के साथ श्रीअन्न आधारित उत्पादों के संबंध में समझौता ज्ञापन किया गया है। अनुभी एंटरप्राइजेज द्वारा वियतनाम के साथ तथा अमृत एग्रो द्वारा शहद के निर्यात के संबंध में भी व्यापारिक समझौते किए गए हैं। इन समझौतों के माध्यम से प्रदेश के श्रीअन्न, शहद, आम के गूदे, गुड़ तथा अन्य मूल्यवर्धित खाद्य उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए व्यापारिक अवसर विकसित हो रहे हैं। *एफआईईओ डेस्क पर बीएमएस एफपीओ के आम के गूदे की मांग*
इंटरनेशनल ट्रेड शो में फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (एफआईईओ) डेस्क पर बीएमएस एफपीओ के आम के गूदे के लिए विदेशी खरीदार की मांग सामने आई है। यह प्रदेश के आम आधारित प्रसंस्कृत उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ने की महत्वपूर्ण संभावना है।
*व्यवसाय-से-व्यवसाय बैठकों से बढ़ रही निर्यात संभावनाएं*
इंटरनेशनल ट्रेड शो में पीएमएफएमई एवं यूपीएफपीपी-2023 के अंतर्गत लाभान्वित उद्यमियों को विदेशी खरीदारों, आयातकों, वितरकों एवं व्यापारिक संस्थाओं से जोड़ने के लिए व्यवसाय-से-व्यवसाय बैठकें एवं क्रेता-विक्रेता संवाद आयोजित किए जा रहे हैं।
इन बैठकों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए नए बाजारों, संभावित खरीदारों तथा निर्यात की संभावनाओं से सीधे जुड़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों की सहभागिता तथा विभिन्न देशों के साथ हुए व्यापारिक समझौते उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे किसानों, कृषक उत्पादक संगठनों, कृषक उत्पादक कंपनियों, स्वयं सहायता समूहों तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों के लिए मूल्य संवर्धन, बाजार विस्तार, निर्यात संवर्धन एवं व्यापारिक अवसरों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।