कलेक्ट्रेट भवन में जिला अधिकारी लखनऊ को माननीय प्रधानमंत्री जी, भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
अजय कुमार गुप्ता सोशलिस्ट न्याय लखनऊ
लखनऊ राज्य की राजधानी लखनऊ की उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था लखनऊ शाखा के अध्यक्ष श्री रमेश चन्द्र श्रीवास्तव, मंत्री श्री हरि शंकर श्रीवास्तव के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट भवन में जिला अधिकारी लखनऊ को माननीय प्रधानमंत्री जी, भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया जिला अधिकारी लखनऊ को ज्ञापन सौंपे जाने के समय प्रांतीय कार्यवाहक अध्यक्ष श्री आनन्द प्रकाश श्रीवास्तव, प्रांतीय उपाध्यक्ष श्री गोपी कृष्ण श्रीवास्तव, प्रांतीय महामंत्री श्री ओंकार नाथ तिवारी,प्रांतीय कोषाध्यक्ष श्री संतोष कुमार मेहरोत्रा, लखनऊ मंडल के मंडलीय अध्यक्ष डॉक्टर जानकी शरण शुक्ला,उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था लखनऊ शाखा लखनऊ के संरक्षक श्री अरविंद प्रधान, संरक्षक श्री ए. के. सक्सेना, सलाहकार श्रीमती सुनीता द्विवेदी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री बृजेश कुमार त्रिवेदी, उपाध्यक्ष श्री नीलेश कुमार श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष श्री एन.के. तिवारी संगठन मंत्री श्री अवधेश नारायण तिवारी, संगठन मंत्री श्री अतुल चन्द चौधरी, संगठन मंत्री श्री रामजी श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष श्री हरि प्रसाद शुक्ला,ऑडिटर श्री अशोक कुमार मिश्रा,कार्यकारणी सदस्य श्री राम प्रताप यादव , सदस्य श्री महेंद्र कुमार अग्रवाल एवं अन्य लखनऊ शाखा के पदाधिकारी/पेंशनर्स साथी मौजूद रहे।
ज्ञापन में माननीय प्रधानमंत्री जी भारत सरकार से उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था द्वारा अनुरोध किया गया कि (1)विलिडेशन एक्ट,2025 को समाप्त किया जाय।(2)आठवें वेतन आयोग में के T.O.R. में पेंशन पुनरीक्षण शामिल किया जाय।(3) पेंशन वृद्धि क्रमशः 65, 70 एवं 75 वर्ष पर 5% किया जाय।(4)पेंशन राशिकरण की वसूली 15 वर्ष के स्थान पर 11 वर्ष किया जाय। (5) पुरानी पेंशन बहाल किया जाय (6)कोरोना काल में रोके गए 18माह के मंहगाई भत्ते/ मंहगाई राहत के अवशेष का भुगतान किया जाय।(7) कोरोना काल से पूर्व वरिष्ठ नागरिकों एवं पेंशनर्स को रेल एवं वायुयान किराए में मिलने वाली छूट को बहाल किया जाए।(8) सातवें वेतन आयोग की भांति ही आठवें वेतन आयोग में भी पुराने पेंशनभोगियों को सभी लाभ प्रदान किए जाने विषयक संसद में माननीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी द्वारा दिए गए बयान/आश्वासन से संबंधित शासनादेश जारी कराया जाय।