कम खपत में महंगी बिजली खरीद दिखाकर सरकार प्रदेश की जनता से कर रही हाई-वोल्टेज लूट: वंशराज दुबे

अजय कुमार गुप्ता सोशलिस्ट  न्याय लखनऊ  
लखनऊ  उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता पर बिजली महाघोटाले के ज़रिये नया आर्थिक हमला होने जा रहा है। आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता वंशराज दुबे ने गुरुवार को पार्टी मुख्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन द्वारा किए जा रहे कथित हाई-वोल्टेज लूट का पर्दाफ़ाश करते हुए कहा कि फरवरी महीने से बिजली बिल में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दरअसल सरकार और बिजली कंपनियों की मिलीभगत से की जा रही खुली डकैती है। उन्होंने कहा कि सस्ती बिजली को महंगे दामों पर दिखाकर ईंधन अधिभार के नाम पर जनता से जबरन वसूली की जा रही है और यही उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा बिजली घोटाला है। प्रेस वार्ता में वंशराज दुबे ने कहा कि गुरुवार को आई खबर कि फरवरी में बिजली का बिल 10 प्रतिशत बढ़ेगा, प्रदेश की जनता के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि ईंधन अधिभार के नाम पर अब तक की सबसे बड़ी वसूली साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब जनता को लूटा जा रहा हो, फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार लूट को “फ्यूल सरचार्ज” का नाम दे दिया गया है। मुख्य प्रदेश प्रवक्ता ने बिजली विभाग मंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि जब भी मंत्री जी किसी जिले में जाते हैं और जनता उनसे बढ़ते बिजली बिल या बिजली कटौती की शिकायत करती है, तो जवाब मिलता है – “बोलो जय श्री राम।” उन्होंने कहा कि जनता पूछ रही है कि महंगे बिल क्यों आ रहे हैं और मंत्री जी नारा लगाने को कह रहे हैं, मानो नारा लगाने से बिजली सस्ती हो जाएगी। वंशराज दुबे ने बिजली खरीद के आंकड़ों को सामने रखते हुए कहा कि कॉरपोरेशन दावा कर रहा है कि उसने नवंबर में ₹5.79 प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदी, जबकि मई जैसे गर्मी के महीने में, जब बिजली की खपत सबसे ज्यादा होती है, उसी बिजली को ₹4.76 प्रति यूनिट में खरीदा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मांग ज्यादा होती है तब बिजली सस्ती और जब मांग कम होती है तब बिजली महंगी — यह कौन सा गणित है? उन्होंने कहा कि सरकार जब जनता को ₹1 की राहत देने का मौका आता है, तब उल्टा सरचार्ज लगाकर जेब काटने में जुट जाती है। उन्होंने बताया कि अक्टूबर में ईंधन अधिभार –1.63 प्रतिशत था, नवंबर में बढ़कर 1.83 प्रतिशत हो गया और दिसंबर में यही सरचार्ज सीधे 5.56 प्रतिशत तक पहुंच गया। वंशराज दुबे ने व्यंग्य करते हुए कहा कि इस तरह का गणित देखकर आइंस्टीन भी फेल हो जाते, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार और उसके विभागों ने इस लूट के गणित को बखूबी पास कर लिया है।  मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि यह तो एक छोटा बच्चा भी समझ सकता है कि गर्मी में बिजली की खपत ज्यादा होती है और सर्दियों में कम, लेकिन इसके बावजूद नवंबर-दिसंबर में महंगी बिजली खरीद दिखाकर जनता से वसूली की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह साफ तौर पर आंकड़ों से खेलकर किया जा रहा घोटाला है वंशराज दुबे ने कहा कि सरकार जनता पर एहसान जताते हुए कह रही है कि बिजली बिल 10 प्रतिशत ही बढ़ाया गया है, जबकि असल में 12.38 प्रतिशत बढ़ाया जाना चाहिए था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार का संदेश साफ है — “हम तुम्हारे यहां चोरी तो कर रहे हैं, शुक्र मनाओ कि पूरा घर नहीं लूट रहे।” उन्होंने बताया कि अप्रैल में सरचार्ज 1.24 प्रतिशत था, मई में –0.2 प्रतिशत, जून में 4.27 प्रतिशत, जुलाई में 1.97 प्रतिशत, अगस्त में 0.24 प्रतिशत, सितंबर में 2.34 प्रतिशत, अक्टूबर में –1.63 प्रतिशत और दिसंबर में यह सीधे 5.56 प्रतिशत पहुंच गया। वंशराज दुबे ने कहा कि इतने उतार-चढ़ाव अपने आप में बड़े घोटाले की कहानी कहते हैं। ग्रामीण हालात पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सुल्तानपुर के जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र समेत प्रदेश के दर्जनों गांवों में बिजली समय से नहीं आती लेकिन बिल समय से जरूर आ जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार दावा करती है कि गांव-गांव खंभे लगाए गए हैं, जबकि हकीकत यह है कि बांस की बल्लियों के सहारे बिजली सप्लाई दी जा रही है। कहीं बांस टूटता है, कहीं तार टूटते हैं और बरसात में करंट उतरने से जान का खतरा बना रहता है, लेकिन सरकार को जनता की सुरक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। स्मार्ट मीटर पर हमला बोलते हुए वंशराज दुबे ने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर नहीं, बल्कि “डाकू मीटर” लगाए जा रहे हैं। पंखा चले या न चले, कूलर चले या न चले, लेकिन बिल बुलेट ट्रेन की तरह दौड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए तुगलकी फरमान जारी कर रही है और घाटे का बहाना बनाकर जनता से वसूली करवा रही है।
उन्होंने कहा कि इस पूरे बिजली घोटाले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वंशराज दुबे ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में बिजली मुफ्त की और वही मॉडल पंजाब में लागू किया, क्योंकि अरविंद केजरीवाल की नीति है कि बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं जनता को मुफ्त मिलनी चाहिए।
वंशराज दुबे ने आम आदमी पार्टी की तरफ से मांग की कि
.कॉरपोरेशन द्वारा कम खपत के महीनों में महंगी बिजली खरीद दिखाकर की गई वसूली की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
जांच पूरी होने तक फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने के फैसले पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया, तो आम आदमी पार्टी इसके खिलाफ सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।

Popular posts from this blog

अपर मुख्य सचिव, वित्त की अध्यक्षता में पेंशनर्स सलाहकार समिति की चतुर्थ बैठक सम्पन्न

आफलाइन स्थानांतरण फाईल अनुमोदन का किया अनुरोध पत्रावलियां की पुनः जांच कराने का औचित्य नहीं

चंदौसी में माध्यमिक शिक्षा मंत्री के आवास पर जुटे सैकड़ों शिक्षक, आफलाइन स्थानांतरण फाईल अनुमोदन से शिक्षा मंत्री ने किया इंकार