अपर मुख्य सचिव, वित्त की अध्यक्षता में पेंशनर्स सलाहकार समिति की चतुर्थ बैठक सम्पन्न
लख़नऊ आज सम्पन्न बैठक में उठाये गए बिन्दुओं पर चर्चा करते हुए अपर मुख्य सचिव द्वारा जिन मामलों में स्पष्ट रूप से सहमति व्यक्त की गई उनमें नोशनल वेतनवृद्धि के फलस्वरूप अवकाश नकदीकरण के अवशेष का भुगतान, पी जी आई में पंडित दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा योजनान्तर्गत बन्द इलाज को तत्काल शुरू करने तथा अन्य चिकित्सालयों में भी बजट की समस्या का स्थायी समाधान कराने, विधवा पुत्रवधू को भी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, परिवहन निगम के पेंशनरों को कोषागार के माध्यम से पेंशन कराने, सेवानिवृत्ति के बाद जाँच अधिकारी अथवा न्यायलय में उपस्थिति हेतु यात्रा भत्ता स्वीकृति का स्पष्ट आदेश जारी कराना आदि शामिल है. राशिकरण की अवधि बारह वर्ष किये जाने के बिन्दु पर अपर मुख्य सचिव द्वारा स्पष्ट किया गया कि केन्द्र सरकार द्वारा निर्णय लेने अथवा न्यायलय के अंतिम आदेश के अनुसार ही निर्णय लिया जा सकेगा. इसी प्रकार 65, 70, 75 वर्ष की आयु पर 05, 10, 15 प्रतिशत पेंशन में वृद्धि, कोरोना काल में रोके गये मंहगाई राहत की अवशेष राशि का भुगतान आदि बिन्दुओं पर केन्द्र सरकार के निर्णय के अनुरूप कार्यवाही की बात कही गई. कुछ बिन्दुओं को आठवें वेतन आयोग को संदर्भित किये जाने पर भी सहमति व्यक्त की गई. संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति उत्तर प्रदेश के संयोजक एन पी त्रिपाठी के नेतृत्व में पेंशनरों की ओर से श्री श्याम सुन्दर अग्निहोत्री, क्षमानाथ दुबे, ए ए फारूकी, दिवाकर राय, बलवंत प्रसाद, बी के तिवारी, महेंद्र त्रिपाठी, सत्यदेव सिंह, आर एन तिवारी, वी एन मिश्रा, सम्पूर्णानंद द्विवेदी सहित उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था
के महामंत्री ओंकार नाथ तिवारी, आनंद प्रकाश श्रीवास्तव ने प्रतिभाग किय इसके अतिरिक्त अमरनाथ यादव, बी एल कुशवाहा व ओ पी त्रिपाठी ने भी बैठक में अपने विचार रखे. शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव के अतिरिक्त वित्त विभाग से नील रतन कुमार, वी के सिंह तथा न्याय, गृह, कार्मिक व चिकित्सा विभाग के भी अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे