मोदी सरकार की अमेरिकी साम्राज्यवाद के प्रति दासवत अधीनता एक बार फिर उजागर
लखनऊ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) रेड स्टार तीन भारतीय जहाजों पर संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा किए गए क्रूर हमले की कड़ी निंदा करती है, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई। हम शहीद नाविकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं तथा इस जघन्य घटना से प्रभावित सभी लोगों के साथ अपनी एकजुटता प्रकट करते हैं।
यह हमला अमेरिकी साम्राज्यवाद के आक्रामक और हस्तक्षेपकारी चरित्र का एक और उदाहरण है, जिसने दुनिया पर कब्जा जमाने के अपने प्रभुत्ववादी हितों की पूर्ति के लिए दुनिया भर के देशों की संप्रभुता और अधिकारों का बार-बार उल्लंघन किया है। भारतीय नागरिकों की हत्या किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराई जा सकती और इसकी बिना किसी शर्त के निंदा की जानी चाहिए।
साथ ही, हम इस गंभीर घटना के प्रति मोदी सरकार के शर्मनाक और दासवत रवैये की भी कड़ी भर्त्सना करते हैं। सरकार जहाँ घरेलू राजनीतिक लाभ के लिए लगातार राष्ट्रवाद का शोर मचाती है, वहीं शक्तिशाली साम्राज्यवादी सहयोगियों द्वारा किए गए ऐसे कृत्यों के प्रति उसका नाममात्र का विरोध और औपचारिक प्रतिक्रिया उसके राष्ट्रवादी दावों की खोखलाहट को उजागर करती है। भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार का संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ बढ़ता सामरिक गठजोड़ देश और जनता के हितों को लगातार वाशिंगटन की भू-राजनीतिक योजनाओं के अधीन करता जा रहा है। भारतीय नागरिकों और नाविकों के जीवन की दृढ़ता से रक्षा करने के बजाय मोदी सरकार अमेरिकी साम्राज्यवाद के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को बनाए रखने को लेकर अधिक चिंतित दिखाई देती है। ऐसा रवैया राष्ट्रीय संप्रभुता और भारतीय जनता के हितों के साथ विश्वासघात के समान है।
भाकपा (माले) रेड स्टार भारत सरकार से इस हमले की तत्काल, स्पष्ट और बिना किसी अस्पष्टता के निंदा करने की मांग करती है। साथ ही, इस घटना के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों की एक पारदर्शी अंतरराष्ट्रीय जांच करवाने की मांग भी करती है। हमारी भारत सरकार से मांग करते हैं कि भारतीय नाविकों की मृत्यु के लिए जिम्मेदार लोगों की पूर्ण जवाबदेही तय की जाए तथा मृतकों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा और हरसंभव सहायता प्रदान की जाए। यह दुखद घटना फासीवादी मोदी शासन के साम्राज्यवादी सैन्य एवं रणनीतिक ढाँचों के साथ बढ़ते एकीकरण में निहित खतरों को रेखांकित करती है। भारतीय जनता को साम्राज्यवादी आक्रमण और उन अधीनस्थ नीतियों—जो विदेशी हितों को राष्ट्रीय संप्रभुता से ऊपर रखती हैं—दोनों का विरोध करना चाहिए। भाकपा (माले) रेड स्टार देश भर की लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और साम्राज्यवाद-विरोधी शक्तियों से आह्वान करती है कि वे इस हमले के खिलाफ तथा भारत की विदेश नीति को अमेरिकी रणनीतिक उद्देश्यों के अधीन किए जाने के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें।