माध्यमिक तदर्थ शिक्षक संघर्ष समिति का धरना /याचना आज लगभग काफी दिनों से अनवरत चल रहा है
लखनऊ माध्यमिक शिक्षा निदेशालय पर माध्यमिक तदर्थ शिक्षक संघर्ष समिति का धरना /याचना आज लगभग काफी दिनों से अनवरत चल रहा है आज संघर्ष समिति के प्रांतीय कोषअध्यक्ष राजेश पांडेने कहा की पूरे प्रदेश से आने वाले तदर्थ शिक्षकों का याचना कार्यक्रम अनवरत चल रहा है अपने वेतन और सेवा सुरक्षा को लेकर विगत 3 साल से लगातार आंदोलनरत है परंतु सरकार को अधिकारियों के द्वारा गुमराह करने के कारण हम सभी की सेवाएं समाप्त कर दिया यह बहुत बड़ा दुर्भाग्य है की हिंदुओ की लगातार उत्थान का दावा करने वाली सरकार आज अपने ही भारतीय जनता पार्टी के लिए जीवन भर संघर्ष करने वाले सभी भाजपा परिवार से आने वाले तदर्थ शिक्षक हैं जीनको जबरदस्ती अधिकारियों के द्वारा गुमराह करने के कारण सरकार बाहर करने का प्रयास कर रही हैं तदर्थ शिक्षक के लगभग 300 रिट में सुप्रीम कोर्ट के 8300 /2016 संजय सिंह आदि को मेंशन करते हुए वेतन देने का आदेश हुआ है परंतु सरकार हमको मिटाने के लिए सरकार पूरी कमर कसके विशेष अपील में जाने को तैयारी कर ली है जो को भूत ही दुर्भाग्यपूर्ण है ऐसी उम्मीद नहीं थी इस सरकार से और ऐसी जुल्मी सरकार नहीं देखी आज सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायलय के आदेश को भी मानने को तैयार नहीं है जो की बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है यह याचना कार्यक्रम विभिन्न writo में लगभग 300शिक्षकों को वेतन देने का आदेश दिया है लखनऊ/ इलाहाबाद हाई कोर्ट के विद्वान न्यायाधीश द्वारा सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर 8300 /2016 संजय सिंह को मेंशन करते हुए विभिन्न रिट में विद्वान न्यायाधीशों ने 2000 के बाद तदर्थ शिक्षकों को वेतन भुगतान करने का आदेश dios को दिया है और कंटेंप्ट भी हुए है जिसमें Dios भी High court me उपस्थित हो रहे है सरकार ने जो शासनादेश 9/11/23 को जारी किया था 1993 से लेकर आज तक के सभी तदर्थ की सेवाएं समाप्त कर मानदेय देने का आदेश निर्गत किया था जिसको उच्चन्यायालय ने स्थगित करते हुए वेतन निर्गत करने को कहा है परंतु आज तक सरकार के कान पर जूं नहीं रेंग रही है और आज सरकार जब शासनादेश 9 /11 /23 के तहत सभी तदर्थ शिक्षक एक श्रेणी में आते हैं और सब पर आदेश लागू होना चाहिए तो फिर क्यों 2000 के लोगों को वेतन दिया जा रहा है और उसके बाद के तदर्थ शिक्षकों को नहीं पर दोहरा चरित्र अपना कर उन सभी का वेतन अभी तक अवरूध है जबकि सुप्रीम कोर्ट में सरकार 2000 के बाद के तदर्थ के संबंध में काउंटर दाखिल किया था उसमें भी 1993 से लेकर आज तक के सभी तदर्थ को एक श्रेणी में माना था दो सूत्रीय मांगों के साथ शिक्षा निदेशालय पर माध्यमिक तदर्थ संघर्षसमिति के प्रदेशीय उपाध्यक्ष राजेश त्रिपाठी धरना दे रहे प्रदेश के समस्त तदर्थ शिक्षक साथियों की तरफ़ से कहा कि*
*जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होगी तब तक याचना कार्यक्रम चलता रहेगा। ह्रदय मिश्र देवेंद्र सिंह प्रभाकर दुबे सुल्तानपुर अभिमन्यु सिंह आशुतोष मिश्रा विवेक राज सिंह प्रतापगढ़ लखनऊ रंजना सिंह सुल्तानपुर विनोद मिश्रा राजेश सिंह सुशील शुक्ला रायबरेली* सहित अयोध्या गोंडा बलरामपुर बाराबंकी सुल्तानपुर अंबेडकरनगर के लगभग 500 अध्यापक अनवरत निदेशालय पर अपनी सेवा सुरच्छा वेतन के लिए कड़कड़ाती ठंड में शांतिपूर्ण धरना दे रहे है परंतु सरकार और साधन में बैठे लोगो के कान में जूं नहीं रेंग रही है *आदि साथियों ने अपने विचार व्यक्त किए लगभग 400 शिक्षक निदेशालय पर आज धरना दे रहे हैं एक बार पुनः प्रदेश के महामंत्री प्रभात त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश सरकार से यह मांग की है कि हम सभी तदर्थो की विषम परिस्थितियों को देखते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी अपनी कृपा से हम सभी का उद्धार कराए जिससे हमारे बच्चों की परवरीश हो सके बुजुर्ग मां-बाप की गंभीर बीमारियां हो गई है उनकी दवाइयां चल सके और अपना जीवीकोपार्जन पुनः उसी ढंग से अध्यापन कार्य कर सके।याचना कार्यक्रम का संचालन राजेश पांडे कोषाध्यक्ष ने किया*।