विद्युत संविदा मजदूर संगठन ने निजीकरण के विरोध में मनाया उपभोक्ता संपर्क दिवस


 अजय कुमार गुप्ता सोशलिस्ट न्याय लखनऊ 
लखनऊ, विद्युत संविदा कर्मचारी महासंघ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर, विद्युत संविदा मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश ने पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के विरोध में "उपभोक्ता संपर्क दिवस" का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं की राय जानना और निजीकरण के संभावित प्रभावों पर चर्चा करना था।
कार्यक्रम का आयोजन ऐच एल डिवीजन के अंतर्गत सेक्टर 25 सबस्टेशन पर किया गया। इसमें बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने भाग लिया और अपनी चिंता व्यक्त की। उपभोक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में बिजली व्यवस्थाओं में काफी सुधार हुआ है। ऐसे में बिजली वितरण का निजीकरण करना उचित नहीं है। उन्होंने यह आशंका जताई कि निजीकरण के बाद बिजली के बिलों में वृद्धि होगी, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
विद्युत संविदा मजदूर संगठन के प्रभारी पुनीत राय ने माननीय मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री से अपील की है कि निजीकरण को उपभोक्ता और विभाग दोनों के हित में न माना जाए। संगठन का मानना है कि मौजूदा प्रणाली में सुधार करके बिजली सेवाओं को अधिक सुलभ और किफायती बनाया जा सकता है। निजीकरण से न केवल उपभोक्ताओं बल्कि विभागीय कर्मचारियों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है।
यह अभियान बिजली वितरण के क्षेत्र में सुधार के साथ-साथ उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास करता है।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से प्रांतीय अध्यक्ष विद्युत मजदूर संगठन विमल चंद्र पांडे एवं प्रभारी पुनीत राय सहित लखनऊ जिला अध्यक्ष शिवरतन के नेतृत्व में मनीराम, दयाराम, विनोद कुमार विश्वकर्मा, लालजी वर्मा, दिनेश कुमार गौतम, पुनीत मिश्रा, दीप चंद्र निषाद, अजय कुमार गौतम, छोटेलाल, गिरजा शंकर मिश्रा, बलिहारी, रामलाल, देवेंद्र प्रताप सिंह, सुरेंद्र कुमार, गौतम गोपाल यादव, विष्णु प्रजापति, रामकुमार, अजय कुमार गुप्ता, धर्मेंद्र कुमार भारती, गौरव कुमार यादव समेत अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया।

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