मार्च के अंतिम सप्ताह में लखनऊ में होगा विशाल सम्मेलन आगे की रणनीति सम्मेलन में घोषित की जाएगी
लखनऊ 5 जनवरी, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की केंद्रीय कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक आज लखनऊ विश्वविद्यालय के अटल सभागार में संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई l बैठक में संयुक्त परिषद से संबद्ध संगठनों, जनपद शाखाओं के पदाधिकारियों, कार्यकारिणी के सदस्यों एवं आउटसोर्स, संविदा कर्मियों के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया l सम्मेलन में चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवहन, नगरीय परिवहन, उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, प्राथमिक शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, एनआरएचएम, खाद्य रसद, वित, सूक्ष्म लघु मध्यम उद्यम, श्रम, परिवार कल्याण, समाज कल्याण, पशुपालन, पंचायती राज, वन विभाग, सिंचाई, लघु सिंचाई, प्राथमिक अनुसूचित विद्यालय, सहित 50 से अधिक विभागों में कार्यरत संगठनों के प्रतिनिधियों ने बैठक में हिस्सा लिया l कार्यकारिणी की बैठक के बाद संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी द्वारा एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया गया l यह जानकारी संयुक्त परिषद की महामंत्री श्रीमती अरुणा शुक्ला ने प्रेस वार्ता के बाद एक विज्ञप्ति में दिया हैl प्रेस वार्ता में संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने अवगत कराया कि 10 दिसंबर 2024 को मुख्य सचिव के साथ राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रतिनिधियों की बैठक हुई थी l उक्त बैठक में आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम मानदेय दिए जाने, संविदा कर्मियों का नियमितीकरण किए जाने, वेतन समिति 2016 की संस्तुति के क्रम में मुख्य सचिव समिति के माध्यम से वेतन विसंगतियों का निराकरण कराए जाने,रिक्त पदों को भरे जाने, पदोन्नति के पदों को समय बद्ध भरे जाने, कर्मचारी संगठनों के साथ समय-समय पर वार्ता कर समस्याओं का निराकरण कराया जाने पर विस्तृत चर्चा हुई थी l वार्ता में लिए गए निर्णय पर सकारात्मक रूप अपनाते हुए प्रमुख सचिव कार्मिक द्वारा कार्य वृत्त जारी कर दिया गया हैl 2 जनवरी 2025 को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल की वार्ता हुई थी, जिसमें आउटसोर्स कर्मचारियों के न्यूनतम मानदेय एवं नियमावली बनाई जाने पर तथा उनकी सेवा सुरक्षा पर शीघ्र आदेश जारी करने का आश्वासन मिला हैl संयुक्त परिषद के अध्यक्ष ने अवगत कराया कि आउटसोर्स एवं प्रोत्साहन राशि पर कार्य काम करने वाले कर्मियों विशेष कर आशा बहुओं को न्यूनतम ₹20000 का मानदेय दिए जाने, 2001 के बाद नियुक्त आयोग की परिधि के बाहर के कर्मियों को नियमित कराए जाने, वेतन विसंगतियों का समय बद्ध निराकरण किए जाने, रिक्त पदों को भरे जाने, अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा संविदा आउटसोर्स कर्मचारी का शोषण बंद किए जाने, कुंभ मेला में कार्य कर रहे कर्मचारियों के लिए विशेष प्रोत्साहन राशि दिए जाने, 50% महंगाई भत्ते को मूल वेतन में मर्ज किए जाने तथा निजीकरण की व्यवस्था समाप्त किए जाने पर विशेष रूप से मुख्यमंत्री जी के साथ चर्चा हुई l जे एन तिवारी ने अवगत कराया कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद परिवहन निगम में चल रहे निजीकरण में परिवहन निगम कर्मियों के संघर्ष में उनके साथ हैl नगरीय परिवहन सेवाओं के कर्मचारियों को हटाए जाने का विरोध भी संयुक्त परिषद पुरजोर ढंग से कर रही है। नगरी परिवहन सेवाओं के कर्मियों को नई इलेक्ट्रिक बेसन पर कार्य में लगाए जाने की मांग मुख्यमंत्री इसी की गई है l विश्व विद्यालय एवं माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेत्र कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय नगदी करण का लाभ दिए जाने ,प्राथमिक अनुसूचित विद्यालयों को अनुदान सूची में लिए जाने का मुद्दा भी मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया गया हैl संयुक्त परिषद ने अवगत कराया है कि 15 मार्च तक राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की उपरोक्त सभी मांगों पर निर्णय कराये जाने की मांग की गई है। मार्च के आखिरी सप्ताह में संयुक्त परिषद के सम्मेलन में मुख्यमंत्री जी ने उपस्थित होने का आश्वासन भी दिया हैl उसके पहले वित्त एवं कार्मिक विभाग के ऊपर कर्मचारियों की समस्याओं के निस्तारण का बड़ा दायित्व हैl वर्तमान में संयुक्त परिषद जनपद स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक के संगठन को मजबूत करने का कार्य कर रही हैl मुख्य सचिव के साथ वार्ताओं के माध्यम से पुरानी पेंशन की बहाली किए जाने, पेंशन धारकों की राशि करण की वसूली 11 साल में पूरी होने पर अग्रिम वसूली पर रोक लगाए जाने जैसे मुद्दों पर भी वार्ता हुई हैl संयुक्त परिषद ने मार्च के अंतिम सप्ताह तक का समय सरकार को देते हुए सभी मांगों पर कार्यवाही करने की अपेक्षा किया हैl यदि मार्च तक कार्यवाही नहीं हुई तो संयुक्त परिषद के सम्मेलन में आगे की रणनीति तय की जाएगी । आज की कार्यकारिणी की बैठक में सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संघ के महामंत्री जसवंत सिंह, सिंचाई विभाग के पूर्व वरिष्ठ नेता प्रेमानंद चतुर्वेदी, सूचना विभाग कर्मचारी संघ के महामंत्री अतुल मिश्रा, रोडवेज इंप्लाइज कल्याण समिति के अध्यक्ष डी के त्रिपाठी, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नारायण जी दुबे, कार्यवाहक अध्यक्ष निरंजन कुमार श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष त्रिलोकी नाथ चौरसिया, रिंकू राय, बृजभूषण मिश्रा, महामंत्री अरुणा शुक्ला, प्रीति पांडे, अमित वर्मा, सोचन यादव, महेंद्र सिंह, गोविंद कुमार, प्रदीप तिवारी, ओमप्रकाश गौड़, वीरेंद्र वीर यादव, श्रवण पाल, , विनोद यादव, कुसुम लता यादव, नीरज चतुर्वेदी, अवधेश मिश्रा , महेंद्र पांडे,सहित दो दर्जन से अधिक विभिन्न संगठनों के कर्मचारी नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए