वक्फ संपत्तियों पर सांप्रदायिक ताकतें कर रही राजनीति: मुहम्मद आफ़ाक़
अजय कुमार गुप्ता सोशलिस्ट न्याय लखनऊ
लखनऊ: 16 दिसंबर (प्रेस विज्ञप्ति) राष्ट्रीय सामाजिक कार्य कर्ता संगठन के संयोजक मोहम्मद आफ़ाक़ ने वक्फ संपत्तियों के संबंध में अपने बयान में कहा कि वक्फ बोर्ड में सूचीबद्ध संपत्तियों का उपयोग लोगों ने अपने क़ौम की शिक्षा, विकास और समृद्धि के लिए समर्पित किया गया है ताकि भारत में रहने वाले मुसलमान इन स्थानों पर अपने पूजा स्थल और शैक्षणिक संस्थान स्थापित कर सकें, साथ ही कमजोर अनाथों को भी इन स्थानों पर बसाया जा सके। आज सांप्रदायिक ताकतें इन जगहों पर केवल अपनी राजनीति करके हिंदू भाई-बहनों को खुश करने की नजर से देख रही हैं, जबकि हिंदू भाई-बहन अच्छी तरह जानते हैं कि वे इन जगहों को करोड़पतियों को देना चाहते हैं जब सरकार से पूछा जाता है तो वे यह कहकर लोगों को गुमराह करते हैं कि हमें संपत्तियों का दस्तावेज़ चाहिए। हालांकि ऐसी कई जगहें हैं जहां वक्फ संपत्ति के बारे में हम अपने पूर्वजों से देखते और सुनते आ रहे हैं और इन जगहों का कोई रिकॉर्ड भी नहीं है। अंत में मोहम्मद आफ़ाक़ ने कहा कि अगर संपत्ति पर अवैध कब्जा किसी मुस्लिम समुदाय का है और संपत्ति का मालिक बांग्लादेश या पाकिस्तान चला गया है और उसका कोई पूर्वज नहीं है तो वह संपत्ति सरकार की मानी जाएगी, इसमें कोई संदेह नहीं है। दरअसल समस्या इन संपत्तियों से है जिन्हें हम अपने पूर्वजों की वक्फ संपत्तियों के रूप में देख रहे हैं और फिर सरकार उन पर दखल देना चाहती है, जिसे मुसलमान बर्दाश्त नहीं करेगा, क्योंकि इनमें से ज्यादातर जगहों पर हमारे मदरसे, मस्जिदें, तीर्थस्थल और मठ हैं। क्या इसकी संभावना नहीं है कि सरकार इन संपत्तियों को अवैध मानकर बुलडोजर चलाएगी?