प्राइवेट अनुभवी ग्रामीण चिकित्सकों ने शोषण के विरूद्ध भरी हुकांर लखनऊ ईको गार्डेन में 03 दिवसीय धरना प्रदर्शन

अजय कुमार गुप्ता सोशलिस्ट न्याय लखनऊ 
 लखनऊ अनुभव के आधार पर एवं शैक्षिक योग्यतानुसार चिकित्सा कार्य कर रहे ग्रामीण चिकित्सकों का हो रहे उत्पीड़न के विरूद्ध अखिल भारतीय संयुक्त चिकित्सा मित्र मोर्चा एवं इण्डियन मेडिकल प्रेक्टिशनर फेडरेशन व रूरल हेल्थ वेलफेयर सोसाइटी उ०प्र० (प्राइवेट डाक्टर्स एसोसिएशन) के तत्वाधान में रूरल हेल्थ वेलफेयर सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष डा० ओ०पी० सिंह मौर्य की अध्यक्षता में अपनी मांगों को लेकर अनुभवी चिकित्सकों ने लखनऊ के ईको गार्डेन में तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन किया शुरू। प्रदेश अध्यक्ष डा० ओ०पी० सिंह मौर्य ने कहा कि उ०प्र० सरकार द्वारा अनुभव के आधार पर सेवा भाव के रूप में चिकित्सा कार्य कर रहे अनुभवी ग्रामीण चिकित्सकों का रजिस्ट्रेशन के नाम पर उ०प्र० के सभी जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी/नोडल अधिकारी द्वारा रजिस्ट्रेशन / पंजीकरण के नाम पर शोषण कर रहे हैं व चिकित्सकों को अपना क्लीनिक / अस्पताल बन्द करने के लिये कहा जा रहा है व बन्द न करने की दशा में जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। वहीं दूसरी तरफ सरकार का आकंड़ा है कि आबादी के अनुपात में चिकित्सकों की भारी पैमाने पर कमी है ग्रामीण क्षेत्रों में तो स्वास्थ्य व्यवस्था वेपटरी है। उ०प्र० में लगभग 5 लाख अपंजीकृत चिकित्सक अनुभव के आधार पर लोगों का प्राथमिक उपचार करते हुये अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। जिससे एक तरफ 5 लाख परिवार का भरण पोषण हो रहा है वहीं दुसरी तरफ करोड़ों लोगों को सस्ती व सुलभ प्राथमिक उपचार का लाभ भी मिल रहा है। यदि गैर करें तो करोना काल (महामारी कोविड-19) में यही अपंजीकृत अनुभवी चिकित्सक लोगों के लिये भगवान साबित हुये थे। करोना काल में सरकार अपंजीकृत चिकित्सकों का मनोबल बढ़ाती रही, उस समय यही चिकित्सक योग्य नजर आ रहे थे

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