मजदूरो का पैसा हड़पकर विदेश भाग जाने वाले कम्पनी फस्ट फ्लाईट कोरियर के मालिको के खिलाफ भारत सरकार कुछ नहीं कर पा रही, राकेशमणि पाण्डेय।


 अजय कुमार गुप्ता सोशलिस्ट न्याय लखनऊ 
लखनऊ   मजदूरो का पैसा हड़पकर विदेश भाग जाने वाले कम्पनी फस्ट फ्लाईट कोरियर के मालिको के खिलाफ भारत सरकार कुछ नहीं कर पा रही, बल्कि उन्हें संरक्षण दे रही है कि वह विदेशों में अपने कारोबार को फैलाये राकेशमणि पाण्डेय। हिन्द मजदूर किसान पंचायत के राष्ट्रीय सचिव राकेशमणि पाण्डेय ने भारत सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसके संरक्षण में मजदूरों का सैकड़ो करोड़ रूपया किये गये कार्य का वेतन, बोनस, अवकाश भुगतान, क्षतिपूर्ति व ग्रेच्युटी का भुगतान हड़प करके फस्ट फ्लाईट कोरियर के मालिकान विदेश भाग गये है। वहां पर फ्रैन्चाईजी के माध्यम से अपना कारोबार कर रहे है और भारत स्थित अपनी समस्त चल अचल सम्पत्तियों को बेच दिया है या फिर अपने रिश्तेदारों के नाम स्थानान्तरित कर दिया है। राकेशमणि पाण्डेय ने बताया कि फस्ट फ्लाईट कोरियर के खिलाफ देश के कई राज्यों में विभिन्न वाद प्रस्तुत कये गये है जिसमें करोड़ो रूपये के रिकवरी आदेश भी सम्मिलित है किन्तु उसका भुगतान सरकार नहीं करा पा रही है। जिसके सम्बन्ध में भारत सरकार के समस्त अधिकारियों के साथ-साथ सभी प्रशासनिक व राजनैतिक दलों के लोगो को भी पत्र प्रेषित किये गये है। किन्तु कोई कार्यवाही नहीं हो रही है और हजारों कर्मचारियों के भविष्यनिधि अंशदान किये गये कार्य का वेतन और समस्त हितलाभ मालिको द्वारा हड़प लिया गया है। सरकार तमाम दावे करती है कि वह मजदूर हितों की रक्षा करेगी। लेकिन उसके राज्य में तमाम मालिकान अपनी चल अचल सम्पत्तियों को बेच कर विदेशों में स्थानान्तरित हो रहे है। जिन देशो में यह स्थानान्तरित हो रहे है उन देशों द्वारा इन्हें संरक्षण भी दिया जा रहा है। किन्तु भारत सरकार इनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करती बल्कि इन्हें वापस लाने का भी प्रयास नहीं करती और तो और इन्हें हर तरह से संरक्षण देने का कार्य करती है। सरकार की इच्छा दृष्टि हो तो वह फस्ट फ्लाईट कोरियर के लाभांश लेने वाले कोरियन के निदेशको और फैन्चाईजी के माध्मय से कार्य करने वाले निदेशको के खिलाफ कार्यवाही करके कर्मचारियों के हितों को सुरक्षित किया जा सकता है। किन्तु भारत सरकार के लचीलेपन और ऐसे लोगो को संरक्षण देने की प्रवृत्ति ने फस्ट फ्लाईट कोरियर के मालिको को सैकड़ो करोड़ो रूपया हड़पने का रास्ता प्रशस्त किया है जो अत्यन्त ही दुर्भग्यपूर्ण है। सरकार ऐसे दुरदान्त मालिको और निदेशको के खिलाफ कोई कार्यवाही न कर अपना मजदूर विरोधी होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया है। क्यों कि इस संदर्भ में विगत दो वर्षों से संगठन द्वारा हर स्तर पर शिकायत की गयी, किन्तु कही से कोई न्याय नहीं मिल सका। जिसके फलस्वरूप सैकड़ो कर्मचारियों की मृत्यु हो चुकी है। राज्य कर्मचारी बीमा निगम द्वारा भी बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया जा रहा। भविष्यनिधि में वांछित भुगतान अवशेष रहने के कारण भविष्यनिधि पेंशन निधि से मात्र रू० 800 या 1000 मिल रहे। है। जो अत्यन्त ही दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार के उक्त कटु नीति के खिलाफ आगामी 29 नवम्बर को जंतर मंतर नई दिल्ली पर पूरे देश के फस्ट फ्लाईट कोरियर के मजदूर धरना देकर सरकार के खिलाफ अपनी अवाज को बुलन्द करेंगे।

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