लोगों को खुद तय करना होगा कि वोट ईवीएम से हो या बैलेट पेपर से।
अजय कुमार गुप्ता सोशलिस्ट न्याय लखनऊ
लखनऊ: 29 नवंबर (प्रेस विज्ञप्ति) राष्ट्रीय भाग्यदारी आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक पीसी कुरील, राष्ट्रीय सामाजिक कार्य कर्ता संगठन के संयोजक मोहम्मद आफ़ाक़ ने कहा कि आज हम संविधान की बात तो करते हैं, लेकिन संविधान के अनुसार कार्य नहीं करते हैं और सभी सदस्य संविधान की शपथ तो लेते हैं, लेकिन सारे कार्य संविधान के विरुद्ध करते हैं। पीसी कुरील ने कहा कि हम भारतीय यह सोचने पर मजबूर हैं कि चुनाव ई वी एम से नहीं बल्कि बैलेट पेपर से होना चाहिए. जल्द ही कई राज्यों में चुनाव हुए जहां भारतीय जनता पार्टी बड़े राज्यों में जीत हासिल करने में कामयाब रही, लेकिन तेलंगाना में कांग्रेस को जीत मिली जिससे वह ईवीएम के खिलाफ आवाज न उठा सके। इसी तरह जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के चुनाव में भी गोदी मीडिया कह रहा था कि कांग्रेस वापस आ रही है, लेकिन साजिश के तहत भारतीय जनता पार्टी ने हरियाणा में जीत हासिल कर ली और जम्मू-कश्मीर में विपक्ष को जीत दिला दी। यही स्थिति महाराष्ट्र और झारखंड में देखने को मिली, बड़े राज्य महाराष्ट्र में 'धन का खजाना' में भारतीय जनता पार्टी ने खुद जीत हासिल की और कमजोर राज्य झारखंड में विपक्ष की जीत हुई. उन हों ने कहा की हमें छोटे संगठनों और पार्टियों से सावधान रहना होगा जिनका अस्तित्व ही नहीं है, जो दो-चार हजार वोट काटने के लिए खड़े होते हैं। कियों की इन पार्टियों को वोट काटने और जनता को गुमराह करने की लय कड़ी कराइ जाती है। अंत में मोहम्मद आफ़ाक़ ने कहा कि लोगों को खुद तय करना होगा कि उन्हें ई वी एम से वोट देना है या बैलेट पेपर से।