परिवहन निगम लगातार घाटे में फिर भी सरकार कर रही वाहवाही :जसवंत सिंह
लखनऊ। कैसे माननीय परिवहन मंत्री जी, यह आंकड़ा भी देदो, चालक परिचालक अभाव है,स्पेयर पार्ट्स की पूर्ण पूर्ति नहीं है,आपके आदेशो का पालन होता है तो आय कहा से आएगी, यात्री कम किराए, परमिट के नाम पर जो अवैध डग्गामारी से जो परिवहन निगम की आय प्रभावित होगी उसका क्या होगा। यह कहना है सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के महामंत्री जसवंत सिंह का।
उन्होंने कहा कि मंत्री जी लगातार आय कम आ रही है, सही सही माना जाय तो प्रतिदिन 3 से4 करोड़ रुपया एक महीने का 120 और वर्ष भर में 144 करोड़ त्यौहार के दो तीन दिन ओर कुछ सहालकों में कुछ और फिर भी एक हजार करोड़ का नुकसान वैसे ही परिवहन निगम सैकड़ों करोड़ के नीचे है, क्या होगा?
उन्होंने कहा कि कही डिपो क्षेत्रों का संपूर्ण प्राइवेटाइज किया जाना भी हो सकता है। आप जन प्रतिनिधि है, फिर कर्मचारियों के भविष्य का क्या होगा हम छोटे से राज्य उत्तराखंड से हित लाभ में पीछे है आप सोचे कि सरकार के द्वारा आर्थिक सहायता नही की गई होती तो क्या वेतन के लाले नहीं पड़ जाते।
निगम मुख्यालय के पास तमाम ias अधिकारी है लेकिन निगम लाभ में कैसे आएगा कोई योजना नहीं वही लकीर के फकीर जैसे घिसी पीटी योजना पर चले जा रहे है हम बहुत से प्रयोग कर रहे है जिसकी कमाई घर चलाने जितनी नहीं होती वह दिखावा नहीं करता , जो मानकों के नाम पर, सुंदरता के नाम पर या अन्य फिजूल खर्ची हो रही है पर रोक लगाए, डग्गामार पर रोक लगे, फ्लेक्सी किराया लागू हो, भ्रष्टाचार पर रोक हो, नियमित कर्मचारियों का महंगाई भत्ता , एरियर पूरा दिया जाय,नियमित नियुक्तियां की जाए, संविदा को वेतनमान से जोड़ा जाए, उनकी भी शासन के 2013 तक के संविदा कर्मचारियों को नियमित किए जाने के आदेश जारी हो, मृतक आश्रितों ओर 2001 तक के संविदा जो वर्तमान में भी कार्यरत है उन सभी को नियमित नियुक्तियां दी जाए। उसके बाद एयरपोर्ट की तरह बस स्टेशन और high टेक बसों पर अतिरिक्त खर्च किया जाय।